संस्कृत व्याकरण – Class Test 1
25 Questions • 25 Min
संस्कृत व्याकरण – Class Test 1 — प्रश्न व उत्तर (नमूना)
UP Super TET • संस्कृत • क्लास नोट्स (टीचर PDF) के सभी प्रश्न + थ्योरी से बने प्रश्न • 25 प्रश्न, हर प्रश्न की विस्तृत व्याख्या सहित।
'मैं ऐसा मानता हूँ' का संस्कृत अनुवाद होगा —
- अहम् एवं मानयामि
- अहम् एवं मान्ये
- अहम् एवं मानामि
- अहम् एवं मन्ये
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) अहम् एवं मन्ये
'मन्' धातु (दिवादि, आत्मनेपद) लट् लकार उत्तम पुरुष एकवचन = मन्ये (मन्यते, मन्येते, मन्यन्ते…)।
'पच्' धातु में 'क्त' प्रत्यय लगकर रूप बनेगा —
- पचितः
- पाकः
- पक्वः
- पक्तः
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (C) पक्वः
पच् + क्त = पक्व (विशेष रूप — 'पचो वः' से त को व)। 'पाकः' घञ् प्रत्यय से बनता है।
दान के कर्म के द्वारा कर्ता जिसे सन्तुष्ट करना चाहता है, उसकी सम्प्रदान संज्ञा करने वाला सूत्र है —
- स्पृहेरीप्सितः
- चतुर्थी सम्प्रदाने
- कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्
- रुच्यर्थानां प्रीयमाणः
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (C) कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्
'कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्' — दान-कर्म द्वारा कर्ता जिसे चाहता है वह सम्प्रदान होता है, जैसे — विप्राय गां ददाति। 'चतुर्थी सम्प्रदाने' सम्प्रदान में चतुर्थी विभक्ति करता है।
'मुझे संस्कृत अच्छी लगती है' — इसका संस्कृत अनुवाद है —
- मया संस्कृतं रोचते
- माम् संस्कृतं रुचिकरम्
- अहं संस्कृतं भाति
- मह्यं संस्कृतं रोचते
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) मह्यं संस्कृतं रोचते
'रुच्यर्थानां प्रीयमाणः' सूत्र से 'रुच्' (अच्छा लगना) धातु के योग में प्रसन्न होने वाले में चतुर्थी — मह्यं (मुझे)।
'शिशुः मोदकाय रोदिति' उदाहरण है —
- हित योगे च का
- रुच्यर्थानां प्रीयमाणः का
- स्पृहेरीप्सितः का
- तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या का
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या का
जिस प्रयोजन (के लिए) से कार्य हो, उसमें चतुर्थी — 'तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या'। शिशु लड्डू के लिए रोता है।
'द्रक्ष्यतः' दृश् धातु का कौन सा रूप है?
- मध्यम पुरुष द्विवचन
- प्रथम पुरुष बहुवचन
- प्रथम पुरुष द्विवचन (लृट् लकार)
- मध्यम पुरुष एकवचन
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (C) प्रथम पुरुष द्विवचन (लृट् लकार)
दृश् लृट् लकार (भविष्यत्) — द्रक्ष्यति, द्रक्ष्यतः, द्रक्ष्यन्ति (प्रथम पुरुष); द्रक्ष्यसि, द्रक्ष्यथः, द्रक्ष्यथ (मध्यम पुरुष)।
'अट्' प्रत्याहार में कौन से वर्ण आते हैं?
- अ, इ, उ
- सभी स्वर तथा सभी हल्
- केवल ए, ओ
- सभी स्वर तथा ह, य, व, र
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) सभी स्वर तथा ह, य, व, र
'अ' (अइउण्) से 'ट्' (हयवरट्) तक — अ इ उ ऋ ऌ ए ओ ऐ औ ह य व र — अर्थात् सभी स्वर + ह य व र।
निम्नलिखित पदों में कौन 'प्रगृह्य' संज्ञक है?
- विष्णू
- गङ्गे
- हरी
- ये सभी (गङ्गे, विष्णू, हरी)
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) ये सभी (गङ्गे, विष्णू, हरी)
सूत्र 'ईदूदेद्द्विवचनं प्रगृह्यम्' — ईकारान्त, ऊकारान्त, एकारान्त द्विवचन पद प्रगृह्य होते हैं; प्रगृह्य के बाद 'प्लुतप्रगृह्या अचि नित्यम्' से प्रकृतिभाव (सन्धि नहीं) होता है।
समस्तपद 'रूपवद्भार्यः' का विग्रह होगा —
- रूपवती भार्या यस्याः सा
- रूपवती भार्यः यस्य सः
- रूपवती च भार्या च
- रूपवती भार्या यस्य सः
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (D) रूपवती भार्या यस्य सः
जिसकी पत्नी रूपवती है वह (पुरुष) — अन्य पद प्रधान होने से बहुव्रीहि समास।
'शृङ्गात् शरो जायते' / 'सङ्गात् सञ्जायते कामः' में कौन सा सूत्र प्रवृत्त हुआ है?
- भुवः प्रभवश्च
- पराजेरसोढः
- जनिकर्तुः प्रकृतिः
- आख्यातोपयोगे
उत्तर व व्याख्या देखें
उत्तर: (C) जनिकर्तुः प्रकृतिः
'जनिकर्तुः प्रकृतिः' — उत्पन्न होने वाले (जन् धातु के कर्ता) का जो कारण (प्रकृति) है उसकी अपादान संज्ञा, अतः 'सङ्गात्' में पञ्चमी।
पूरे 25 प्रश्न हल करने के लिए ऊपर टेस्ट शुरू करें।
इसी परीक्षा के और टेस्ट
- English Grammar – Class Test 1
- English Grammar – Class Test 2
- English Grammar – Class Test 3
- English Grammar – Class Test 4
- English Grammar – Class Test 5
- English Grammar – Class Test 6
- हिन्दी व्याकरण एवं साहित्य – Class Test 1
- हिन्दी व्याकरण एवं साहित्य – Class Test 2
- हिन्दी व्याकरण एवं साहित्य – Class Test 3
- संस्कृत व्याकरण – Class Test 2
- संस्कृत व्याकरण – Class Test 3
- संस्कृत व्याकरण – Class Test 4