विज्ञान – मिश्रित प्रश्न – Class Test 3

25 Questions • 25 Min

विज्ञान – मिश्रित प्रश्न – Class Test 3 — प्रश्न व उत्तर (नमूना)

UP Super TET • विज्ञान • क्लास नोट्स (टीचर PDF) के सभी प्रश्न + थ्योरी से बने प्रश्न • 25 प्रश्न, हर प्रश्न की विस्तृत व्याख्या सहित।

  1. 10 मीटर लम्बाई की ध्वनि तरंगों में 20 संपीडन तथा 20 विरलन हैं। तरंग का तरंगदैर्ध्य क्या है?

    1. 50 सेमी
    2. 100 सेमी
    3. 75 सेमी
    4. 25 सेमी
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (A) 50 सेमी

    हल: एक संपीडन (C) + एक विरलन (R) = एक पूरी तरंग, यानी 1 तरंगदैर्ध्य (λ)।
    20 संपीडन + 20 विरलन = 20 तरंगें।
    20 तरंगों की लम्बाई = 10 मीटर = 1000 सेमी
    1 तरंग की लम्बाई λ = 1000 ÷ 20 = 50 सेमी।

  2. यदि पानी तथा काँच के परम अपवर्तनांक क्रमशः 4/3 तथा 3/2 हों, तो पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक होगा —

    1. 8/9
    2. 3/4
    3. 9/8
    4. 4/3
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (C) 9/8

    हल: पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक = काँच का अपवर्तनांक ÷ पानी का अपवर्तनांक
    = (3/2) ÷ (4/3) = (3/2) × (3/4) = 9/8।
    अपवर्तनांक (μ) दो समान राशियों का अनुपात है, इसलिए यह मात्रकहीन और विमाहीन है (स्नेल का नियम: μ = sin i / sin r)।

  3. घरेलू वायरिंग में 'अर्थ वायर' (भू-सम्पर्क तार) का रंग कैसा होता है?

    1. लाल
    2. काला
    3. सफेद
    4. हरा
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (D) हरा

    घरेलू वायरिंग के मानक रंग:
    लाल — जीवित (Live/Phase) तार
    काला — उदासीन (Neutral) तार
    हरा — भू-सम्पर्क (Earth) तार।
    अर्थ तार लीकेज करंट को जमीन में भेजकर बिजली के झटके (शॉर्ट सर्किट) से बचाता है।

  4. किरचॉफ का धारा सम्बन्धी नियम (पहला नियम) किसके संरक्षण पर आधारित है?

    1. द्रव्यमान
    2. ऊर्जा
    3. आवेश
    4. संवेग
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (C) आवेश

    किरचॉफ का धारा नियम (संधि नियम): किसी संधि (Node) पर आने वाली धाराओं का योग = जाने वाली धाराओं का योग (I₁ + I₂ = I₃ + I₄ + I₅)। यानी आवेश न बनता है न नष्ट होता है — आवेश संरक्षण।
    किरचॉफ का वोल्टता नियम (दूसरा नियम) ऊर्जा संरक्षण पर आधारित है।

  5. ऊष्मा का SI मात्रक क्या है?

    1. जूल
    2. वाट
    3. अर्ग
    4. कैलोरी
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (A) जूल

    ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है, इसलिए इसका SI मात्रक जूल (J) है।
    कैलोरी — ऊष्मा का व्यावहारिक मात्रक (1 कैलोरी ≈ 4.18 जूल)
    अर्ग — ऊर्जा का CGS मात्रक (1 जूल = 10⁷ अर्ग)
    वाट — शक्ति का मात्रक।

  6. दाब (P), बल (F) और क्षेत्रफल (A) के सम्बन्ध में सही कथन कौन सा है?

    1. P = F/A और दाब सदिश राशि है
    2. P = F × A और दाब सदिश राशि है
    3. P = A/F और दाब सदिश राशि है
    4. P = F/A और दाब एक अदिश राशि है
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (D) P = F/A और दाब एक अदिश राशि है

    दाब = बल ÷ क्षेत्रफल (P = F/A)।
    बल सदिश राशि है (दिशा होती है), पर दाब हर दिशा में समान रूप से लगता है, इसलिए दाब अदिश राशि है। दाब का SI मात्रक पास्कल (N/m²) है।

  7. यदि 5 सेकंड में एक वस्तु का संवेग 10 मात्रक से बढ़कर 25 मात्रक हो जाए, तो इस पर कार्यरत बल होगा —

    1. 4 मात्रक
    2. 3 मात्रक
    3. 1 मात्रक
    4. 2 मात्रक
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (B) 3 मात्रक

    हल: न्यूटन के गति के दूसरे नियम से — बल = संवेग में परिवर्तन ÷ समय
    F = (P₂ − P₁) / t = (25 − 10) / 5 = 15 / 5 = 3 मात्रक।

  8. खाना बनाने के बर्तनों (के हैंडल आदि) में अभ्रक (Mica) का उपयोग क्यों होता है?

    1. यह ऊष्मा का कुचालक तथा विद्युत का सुचालक होता है
    2. यह ऊष्मा तथा विद्युत दोनों का कुचालक होता है
    3. यह ऊष्मा का सुचालक तथा विद्युत का कुचालक होता है
    4. यह ऊष्मा तथा विद्युत दोनों का सुचालक होता है
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (C) यह ऊष्मा का सुचालक तथा विद्युत का कुचालक होता है

    अभ्रक विद्युत का उत्तम कुचालक (विद्युतरोधी) है और बहुत ऊँचे ताप पर भी न जलता है न पिघलता है; यह ऊष्मा को अपने से होकर जाने देता है। इसलिए इस्त्री, हीटर, टोस्टर जैसे उपकरणों में इसका प्रयोग होता है — गर्मी बाहर आए पर करंट न लगे। परीक्षाओं में मान्य उत्तर: ऊष्मा का सुचालक तथा विद्युत का कुचालक।

  9. पृथ्वी के चुम्बकीय ध्रुव पर नमन कोण (Angle of dip) कितना होता है?

    1. 0°
    2. 135°
    3. 90°
    4. 45°
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (C) 90°

    नमन कोण वह कोण है जो स्वतंत्र रूप से लटकी चुम्बकीय सुई क्षैतिज से बनाती है।
    चुम्बकीय ध्रुवों पर नमन कोण = 90° (सुई बिल्कुल खड़ी)
    चुम्बकीय विषुवत रेखा पर = 0° (सुई क्षैतिज)।

  10. यदि किसी पिण्ड की गतिज ऊर्जा अपने प्रारम्भिक मान की चार गुना हो जाए, तो नया संवेग होगा —

    1. प्रारम्भिक मान का चार गुना
    2. अपरिवर्तित
    3. प्रारम्भिक मान का दुगना
    4. प्रारम्भिक मान का तीन गुना
    उत्तर व व्याख्या देखें

    उत्तर: (C) प्रारम्भिक मान का दुगना

    हल: गतिज ऊर्जा K = p²/2m, इसलिए संवेग p = √(2mK), यानी p ∝ √K।
    K चार गुना → p' = √4 × p = 2p।
    अतः संवेग दुगना हो जाएगा।

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